आदिवासियों पर हो रहे घोर अन्याय अत्याचार के विरोध में यवतमाल मे धरना शुरु
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद
राष्ट्रिय आदिवासी छाञ संघ
आझाद मैदान,यवतमाल।
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एच.एन.रैकवाल* के आव्हान पर सीहोर जिला ईकाई द्वारा राष्ट्रपति ने नाम संबोधित ज्ञापन यवतमाल कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को सौपने के लीए धरणा शुरु किया गया गया। ज्ञापन में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को तत्काल रोकने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के विभिन्न राज्यों में निवास करने वाले आदिवासियों की संस्कृति और पहचान समाप्त करने का काम किया जा रहा है। विकास के नाम पर जल, जंगल और जमिन से बेदखल किया जा रहा है। *ज्ञापन में दिए गए 22 सूत्रीय बिंदूओं में उल्लेख किया गया है कि 5 वीं एवं 6 वीं अनुसूचि अमल में ना लाकर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।* जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उनकी मूल संस्कृति से बेदखल किया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में गैर-आदिवासियों की घुसपैठ कराकर जमीने छीनी जा रही है। नक्सलियां के नाम पर बेगुनाह आदिवासियों की हत्याएं की जा रही है। देशभर में वन अधिकार पट्टों से वंचित किया जा रहा है। आदिवासी बहुल अंचलों में वन माफियाओं और वन अफसरों द्वारा अतिक्रमण के नाम पर वनों से खदेड़ने की साजिश रची जा रही है। 16 राज्यों के 12 लाख आदिवासियों के जमीन के दावें निरस्त करके उनकी जमीन छीनी गई है। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की 1000 एकड़ जमीन,औद्योगिकीकरण के लिए छीनी गई है। रिक्त बैकलॉग पदों पर भर्ती नहीं की गई है सहित अन्य 22 बिंदू शामिल है। *
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